विधानसभा में गोकुल ने रखे विकास के मुद्दे तो नशे पर जताई चिंता
सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया ने विधानसभा सत्र के दौरान जहां सिरसा के विकास के मुद्दे रखे तो उन्होंने नशे के बढ़ते चलन पर चिंता जताई और पुलिस प्रशासन को भी सवालों के कटघरे में खड़ा किया। गोकुल सेतिया ने तथ्यों एवं आंकड़ों के जरिए नशे के बढ़ते ग्राफ की तस्वीर सदन में मुख्यमंत्री नायब सैनी एवं अन्य मंत्रियों के समक्ष रखते हुए इस पर अंकुश लगाने के लिए ठोस रणनीति बनाने की मांग की।
दरअसल गोकुल सेतिया पहली बार सिरसा से विधायक चुने गए हैं।
इसी साल 8 अक्तूबर को आए चुनावी परिणाम में गोकुल सेतिया ने सिरसा विधानसभा सीट से हलोपा के उम्मीदवार गोपाल कांडा को करीब 7234 वोटों के अंतर से पराजित किया। 13 नवंबर से तीन दिवसीय सेशन का आगाज हुआ। पहली बार विधायक चुने जाने के बाद विधानसभा सत्र में उन्होंने शिरकत की। ऐसा आभास नहीं हुआ कि वे सदन में पहली बार बोल रहे हों। एक अनुभव नेता की तरह उन्होंने सिरसा के विकास की बात रखी। उन्होंने सिरसा में 800 करोड़ रुपए से बनने वाले मैडीकल कालेज के लिए मुख्यमंत्री एवं सरकार का धन्यवाद किया तो सिरसा के सरकारी अस्पताल की पूरी तस्वीर भी स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल में डायलसिस मशीन काम नहीं कर रही है। जनरनेटर की सुविधा नहीं है। डेंगू फैल रहा है और फोगिंग नहीं करवाई जा रही है।
गोकुल ने कहा कि सिरसा राजस्थान व पंजाब से सटा हुआ इलाका है। ऐसे में यहां नशे का चलन बहुत अधिक है। 1 जनवरी से लेकर 30 सितंबर तक ही सिविल अस्पताल में ओ.पी.डी. के लिए साढ़े 24 हजार युवा आए जो नशे से पीडि़त थे। स्कूलों के आगे नशा बिक रहा है। युवा पीढ़ी नशे के चलते बर्बाद हो रही है। पुलिस थानों एवं चौकियों में आम व्यक्ति की किसी तरह की सुनवाई नहीं होती है।
मैडीकल कालेज का निर्माण कार्य शुरू
खास बात यह है कि गोकुल सेतिया ने मैडीकल कालेज को लेकर विधायक बनने के बाद ही आवाज बुलंद की और इधर वीरवार को सिरसा में मैडीकल कालेज का निर्माण शुरू हो गया है। इस कड़ी में मिनी बाइपास पर सी.डी.एल.यू. के सामने 21 एकड़ मैदान पर बनने वाले मैडीकल कालेज को लेकर सबसे पहले झाडिय़ों को उखड़वाया गया। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार 539 बिस्तर के इस मैडीकल कालेज को करीब 21 एकड़ में बनाया जाएगा।
इस कालेज में 100 एम.बी.बी.एस. की सीटें होंगी। सिरसा रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी मात्र 2.6 किलोमीटर और सिरसा बस अड्डे से इसकी दूरी 1.9 किलोमीटर होगी। लडक़ों के लिए 300 जबकि लड़कियों के लिए 200 क्षमता वाले हास्टल बनाए जाएंगे। हास्टल ब्लॉक में रसोई, जिम, योग कक्ष, वाचनालय बनाया जाएगा। पहले चरण के टैंडर में अस्पताल, प्रशासनिक भवन, बिजलीघर, सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट, ऑप्रेशन थियेटर, वेस्ट मैनेजमेंट, चारदीवारी, मैडीकल कालेज, परीक्षा हाल बनाए जाएंगे तो दूसरे चरण में लडक़ों व लड़कियों के लिए हॉस्टल तथा स्टाफ के लिए मकान बनाए जाएंगे। 29 अक्तूबर 2023 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सिरसा में बनने वाले मैडीकल कालेज का नाम बाबा सरसाईनाथ मैडीकल कालेज रखने का ऐलान किया था। इतिहास के अनुसार बाबा सरसाईनाथ बहुत पहुंचे हुए संत थे और उन्हीं के नाम पर सिरसा का नाम पड़ा।
दरअसल सिरसा में बाबा सरसाईनाथ मैडीकल कालेज और अस्पताल हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की जमीन पर बनाया जाएगा। इसको लेकर विभाग से 21 एकड़ जमीन सरकार की ओर से ली गई है। यह जमीन चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के सामने बाइपास के पास है। यमुनानगर, कैथल सहित सिरसा में बनने वाला यह मैडीकल कालेज और अस्पताल पूरी तरह से आधुनिक होगा और इसमें एक दर्जन से अधिक विभाग स्थापित किए जाएंगे। इस मैडीकल कालेज में एम.बी.बी.एस. की 100 सीटें होंगी जबकि 500 बैड का अत्याधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा। तीन मंजिला बनने वाले इस भवन में हर तरह की सुविधा होगी। बिजली के लिए अपना सब-स्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा एक जलघर स्थापित किया जाएगा। साथ ही सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट भी लगाया जाएगा।
इस मैडीकल कालेज को लेकर 18 मई 2021 को स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार किया गया और इससे पहले 17 दिसंबर 2020 को जमीन चयन को लेकर सिरसा में स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों की एक टीम पहुंची थी। 27 मई 2021 को एक महत्वपूर्ण मीटिंग पंचकूला में आयोजित की गई और 8 जून 2021 को बिड ओपन किया गया। इस वित्तीय बजट में भी कालेज बनाने को लेकर बजट का प्रावधान किया गया 539 बिस्तरों के अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज होगा। एक आपातकालीन कक्ष के अलावा ट्रामा सैंटर बनाया जाएगा। कुल 21 एकड़ जमीन में से मुख्य भवन अस्पताल और कालेज का होगा।
इसके अलावा एक प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जाएगा। आयुष विभाग का अलग से भवन बनाया जाएगा। अस्पताल में नाइट शैल्टर, गैस्ट हाऊस, रिहायशी क्षेत्र, ऑडिटोरियम, बिजलीघर, जलघर, सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट, अत्याधुनिक किचन, लाऊंड्री, शॉपिंग काम्पलेक्स का निर्माण किया जाएगा। पूरा परिसर सी.सी.टी.वी. की नजरों में रहेगा। अत्याधुनिक अग्रिशमन यंत्र बनाने के अलावा अन्य आवश्यक कार्य भी किए जाएंगे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना प्रोजैक्ट के अंतर्गत एम्स की तर्ज पर यह मैडीकल कालेज बनाया जाएगा। इस पूरे प्रोजैक्ट के लिए मैडीकल रिसर्च एंड रिसर्च के निदेशक को अधिकृत किया गया है।