नशा मुक्त का ‘संकल्प’ साकार करने को लेकर ‘कप्तान’ की अनूठी पहल
पंजाब व राजस्थान से सटे सिरसा जिला को नशा मुक्त बनाने के लिए सिरसा के पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण एक खास रणनीति के तहत जुटे हुए हैं और इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि अब तक जिला के 134 गांव नशा मुक्त हो चुके हैं। युवाओं को खेलों के साथ जोड़ा जा रहा है। पुलिस ने एक खास अभियान चलाते हुए गांवों के खेल मैदानों को संवारा है। कबड्डी, वॉलीबाल एवं क्रिकेट के मैचों का आयोजन किया गया और अब पुलिस अधीक्षक ने एक और बड़ी पहल की है। नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम को हर घर तक पहुंचाने के मकसद से अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय, थानों एवं चौकियों में किसी भी प्रकार की शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक फरियादी को शिकायत की रसीद दी जाएगी। इस रसीद पर जिला पुलिस की नशा मुक्ति अभियान का जागरूकता भरा संदेश तथा नशा बेचने वालों की बारे में जानकारी देने के लिए टेलीफोन नंबर अंकित किए गए हैं।
गौरतलब है कि सिरसा जिला में पिछले कुछ दशकों में नशे का चलन बहुत अधिक बढ़ा है। अफीम और भुक्की के बाद अब मैडीकल नशा एवं सिंथैटिक ड्रग यहां के युवाओं को तबाह कर रहा है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण की ओर से नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाने के अलावा नशे के खिलाफ अलख भी जगाई जा रही है। विशेष बात यह है कि पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण युवाओं के बीच में जाकर उन्हें नशा छोडऩे के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिला पुलिस द्वारा नशे से प्रभावित कई गांवों को चिन्हित कर लगातार जहां नशा बेचने वालों की धरपकड़ की जा रही है वहीं आमजन को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा हैं और पिछले दिनों नशा मुक्त गांवों के सरपंचों के साथ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिला पुलिस द्वारा एक जागरूकता रैली भी निकाली गई। नशे की रोकथाम एवं खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की कड़ी में पुलिस की ओर से गांवों में क्रिकेट, वॉलीबाल, हैंडबाल व अन्य खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जा रहा है। खास बात यह है कि ‘कप्तान’ खुद भी युवाओं के साथ क्र्रिकेट खेलते हैं। अब तक चार दर्जन से अधिक गांवों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो चुका है। अब इसी कड़ी में प्रत्येक परिवादी को एक रसीद दी जाएगी। इस पर परिवाद का नंबर, परिवादी का विवरण, परिवाद का विवरण, थाना एवं चौकी का नाम, मोबाइल नंबर एवं जांच अधिकारी का नाम व रैंक दर्ज होगा।
204 केस दर्ज, 271 को किया गिरफ्तार
सिरसा जिला में स्मैक, हेरोइन, गांजा, नशीली दवाइयों व अन्य सिंथैटिक ड्रग का चलन काफी बढ़ गया है। जिले पुलिस की ओर से नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस सिलसिले में पुलिस ने इस साल नशा तस्करों के खिलाफ 204 केस दर्ज करते हुए 271 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने 28 किलोग्राम अफीम, 5 किलो 299 ग्राम हेरोइन, 3271 किलोग्राम चूरापोस्त एवं 4348 नशीली गोलियां बरामद की हैं। पुलिस की ओर से नशा तस्करों की संपत्ति कुर्क करने के अलावा अवैध तरीके से कमाई कर बनाई गई प्रोपर्टी पर भी पीला पंजा चलाया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण की पहल के बाद युवा क्लबों, शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से व्यापक पैमाने पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है।
विशेष पहलू यह है कि पुलिस की ओर से नशा तस्करी में शामिल लोगों की पूरी कुंडली तैयार की जा रही है। पुलिस द्वारा रणनीति बना ली गई है। खास बात यह है कि पुलिस ने इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को भी जोडऩे की योजना बनाई है। इस अहम रणनीति के अंतर्गत पंचायत प्रतिनिधियों के जरिए गांव-गांव में अलख जगाई जाएगी, तो युवा क्लबों को भी अहम जिम्मेदारी गई है। नशा तस्करों का पूरा बही-खाता और हिस्ट्रीशीट तैयार की जा रही है। इस हिस्ट्रीशीट मेंं अहम बिंदुओं को शामिल किया गया है। दरअसल पंजाब और राजस्थान से सटा सिरसा जिला नशे की शुष्क बंदरगाह बन गया है। खास भौगोलिक स्थिति होने की वजह से इस जिला में अब अफीम, भुक्की, चूरापोस्त, गांजा और मैडीकल नशे के अलावा बड़े पैमाने पर चिट्टा और स्मैक के नशे का चलन होने लगा है। पाकिस्तान बॉर्डर के जरिए पंजाब से होते हुए नशे की खेप सिरसा में पहुंचती है तो वहीं अब पुलिस के लिए दिल्ली में रह रहे कुछ नाइजेरियन तस्कर भी सिरदर्द बने हुए हैं। दिल्ली के पहाडग़ंज जैसे इलाकों में रहने वाले नाइजीरियन सिंथैटिक ड्रग्स बनाने में माहिर हैं और यह अफीम को कई लेयर में रिफाइन करने के बाद चिट्टा बनाते हैं, जिसकी सप्लाई पंजाब, हरियाणा और खासकर सिरसा जिला में होती है।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जन आंदोलन बनाना जरूरी: विक्रांत भूषण
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला के पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने बताया कि जिला पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ युवाओं तथा आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, परंतु इस अभियान को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जहां कार्यकर्मों का आयोजन किया जा रहा है वहीं पर अब थानों एवं चौकी तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में फरियाद लेकर आने वाले व्यक्तियों को जिला पुलिस के नशा मुक्ति अभियान से जोडऩे के लिए रसीद के साथ ही आमजन को जागरूक करने के लिए जागरूकता का संदेश भी दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए इस अभियान में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि जिला पुलिस अपने स्तर पर युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों तथा अन्य जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस अभियान में और तेजी लाने के लिए अब प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी अति आवश्यक है, इसीलिए अब हर फरियादी को दी जाने वाले रसीद के साथ ही उसे नशा मुक्ति अभियान से संबंधित जागरूकता संदेश देकर अभियान में से जोड़ा जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने आमजन तथा सभी सामाजिक संस्थाओं से आवाहन किया है कि जिला पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अपनी अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें ताकि समाज को पूरी तरह से नशा मुक्त एवं अपराध मुक्त बनाया जा सके।